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Nitish Annoo Singh Electrical And Instrument Engineer

भारत में रहना है तो वंदे मातरम् कहना है....जय श्री राम
27/11/2025

भारत में रहना है तो वंदे मातरम् कहना है....
जय श्री राम

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25/11/2025


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 #विनम्र_श्रद्धांजलि #अलविदा_दद्दू  ितंबर प्रभु श्री चरणों में स्थान देकुछ स्मृतियां कुछ यादें और धमनियों में बहता आपका ...
10/09/2025

#विनम्र_श्रद्धांजलि
#अलविदा_दद्दू
ितंबर
प्रभु श्री चरणों में स्थान दे
कुछ स्मृतियां कुछ यादें और धमनियों में बहता आपका लहू ही सिर्फ शेष है
आप परिवार की एक ऐसी रस्सी थे जो बहुमूल्य मोतियों को पिरोए रखा था आपका ऐसे अलविदा कह जाना बड़ा मार्मिक है जैसे किसी विशाल काय वृक्ष के जड़ का सुख जाना हो आपका दिया हु संस्कार हमारे धमनियों में बह रहे रक्त के साथ आगे निर्तंतर बहता रहेगा कुछ ऐसी यादें है जो हमेशा आपके बिना अकेला पन का अहसास कराता रहेगा....
#अलविदा_दद्दू

#नितीश

 #गजानन    ितंबर  #दिवस       गणेश भगवान हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उन्हें लंबोदर, विघ्नेश्वर, और ...
02/09/2025

#गजानन ितंबर
#दिवस
गणेश भगवान हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उन्हें लंबोदर, विघ्नेश्वर, और गजानन के नाम से भी जाना जाता है। गणेश भगवान की पूजा सभी हिंदू घरों में की जाती है, और उन्हें बुद्धि, ज्ञान, और समृद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है।

गणेश भगवान की कथा के अनुसार, उन्हें भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र के रूप में जन्म लिया था। उनकी उत्पत्ति की कथा बहुत ही रोचक है, जिसमें माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से गणेश की मूर्ति बनाई और उन्हें जीवित कर दिया।

गणेश भगवान की विशेषताएं हैं:

- उनका हाथी का सिर, जो बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक है
- उनका बड़ा पेट, जो समृद्धि और धन का प्रतीक है
- उनका एक दांत, जो ज्ञान और विवेक का प्रतीक है

गणेश भगवान की पूजा करने से व्यक्ति को बुद्धि, ज्ञान, और समृद्धि की प्राप्ति होती है। उन्हें विघ्नेश्वर भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि वह सभी विघ्नों और बाधाओं को दूर करने वाले हैं।

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश भगवान की विशेष पूजा की जाती है, जिसमें उनकी मूर्ति को घर में स्थापित किया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। इस दिन को बहुत ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है, और गणेश भगवान की भक्ति और प्रेम का प्रदर्शन किया जाता है।

 #शिक्षक_  #दिवस भारत में हर साल  ितंबर को मनाया जाता है, जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता ह...
30/08/2025

#शिक्षक_ #दिवस भारत में हर साल ितंबर को मनाया जाता है, जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है, जो हमारे जीवन में ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर, स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे कि सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार समारोह, और शिक्षकों के सम्मान में विशेष समारोह। इस दिन का उद्देश्य शिक्षकों के महत्व को पहचानना और उनके योगदान को सम्मानित करना है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक, दार्शनिक और राजनेता थे, जिन्होंने भारत के राष्ट्रपति के रूप में भी कार्य किया। उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय उनके छात्रों और प्रशंसकों ने लिया था, जो उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करना चाहते थे।

शिक्षक दिवस के अवसर पर, हम शिक्षकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं और उनके योगदान को सम्मानित करते हैं। यह दिन हमें शिक्षकों के महत्व को पहचानने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

 ीर_हमीद एक प्रसिद्ध भारतीय सैनिक थे जिन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी बहादुरी और बलिदान के लिए मरणोपरांत ...
29/08/2025

ीर_हमीद
एक प्रसिद्ध भारतीय सैनिक थे जिन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी बहादुरी और बलिदान के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उनकी कहानी इस प्रकार है:

वीर हमीद का जन्म 3 जुलाई 1943 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के धामूपुर गांव में हुआ था। वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे और उनके पिता का नाम अब्दुल गनी था। हमीद ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद भारतीय सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया।

वीर हमीद को 1962 में भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स रेजिमेंट में भर्ती किया गया था। उन्होंने अपनी सैन्य सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया और अपनी बहादुरी और साहस का प्रदर्शन किया।

1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान, वीर हमीद ने अपनी यूनिट के साथ अहम भूमिका निभाई। 10 सितंबर 1965 को हमीद अपनी यूनिट के साथ जम्मू-कश्मीर के हाजी पीर दर्रे के पास तैनात थे। इस दौरान पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना की स्थिति पर हमला किया।

वीर हमीद ने अपनी बहादुरी और साहस का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानी सैनिकों का सामना किया। उन्होंने कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और भारतीय सेना की स्थिति को सुरक्षित रखा। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक लड़ते रहे।

वीर हमीद की बहादुरी और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो शत्रु के सामने अद्वितीय साहस और बलिदान के लिए दिया जाता है।

वीर हमीद की कहानी भारतीय सेना की बहादुरी और बलिदान की एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी वीरता और देशभक्ति ने उन्हें एक सच्चा राष्ट्र नायक बनाया है।

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29/08/2025

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