25/09/2024
नन्हे - नन्हे कदमों से
सजा घर आंगन मेरा
जब से घर आई,
मेरी नन्ही परी।।
मेरे घर की
बगिया मे
फूल खिला
चांद सा सुंदर चेहरा
मीठी मुस्कान से,
मेरा दिल भरा।।
उसकी मुस्कान के लिए
लग जाए सारा घर
उसकी मीठी - मीठी मुस्कान
दिल को गुदगुदाने लगी
सबके चेहरे को खिलाने लगी।।
उसका यूं मेरे
बालो को खींचना,
मेरे ऊपर चढ़ ना
दिल को गुदगुदाता हैं
उसका मेरे लिए यह प्यार
मेरा उसकी तरफ
यू खींच ले जाता है।।
छोटे - छोटे कदमों से
उंगली पकड़ चलना
उसकी मीठी - मीठी
बातो का बोलना
दिल को लुभाता हैं।।
मीठी बोली से
सबका दिल जीत लेती
हर ख्वाहिश को
पूरा करवाती
सबके दिलो की,
चहेती बन गई
मेरी गुड़िया रानी
घर की रौनक हो गई
मेरी शहजादी।।
फूल भी खिल उठे
तेरी मुस्कान के लिए
पंछी डाले डेरा
घर आंगन में मेरे
जब से घर आई
मेरे नन्ही परी।।
चिड़िया, तितलियां
बनी सखी तेरी
भवरो की गुंजन
जिसकी चहचाहट से
जिसकी खिल उठा
आंगन मेरा।।
देखो अभी से ,
दिलो पर
राज करती
सबके दिलो की
जान बन गई
मेरी गुड़िया रानी।।