18/11/2023
“वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता, कि उसने कितने पुष्प खो दिये, वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है, जीवन में क्या खो गया इसकी पीड़ा को भूलकर क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है”
#महादेव