Kisan Seva - किसान सेवा

Kisan Seva - किसान सेवा Agricultural Equipment Supplier.
कृषि उपकरण आपूर्तिकर्ता?

उर्वरक मूल्य वृद्धि आदेश
29/05/2026

उर्वरक मूल्य वृद्धि आदेश

आज कल AI का जमाना है भाई साहब, अभी तो वह नही जानता है कि कौन उसका उपयाेग कर रहा है
29/05/2026

आज कल AI का जमाना है भाई साहब, अभी तो वह नही जानता है कि कौन उसका उपयाेग कर रहा है

वैश्विक बाजार में सोयाबीन कॉम्लेक्स में सुधार
29/05/2026

वैश्विक बाजार में सोयाबीन कॉम्लेक्स में सुधार

28/05/2026
यह दुनिया के लिए पनौती है
28/05/2026

यह दुनिया के लिए पनौती है

आज 28/05/26 का सोयाबीन/तेल/DOC चीन वायदा ओर मलेशिया पॉम आईल अपडेट
28/05/2026

आज 28/05/26 का सोयाबीन/तेल/DOC चीन वायदा ओर मलेशिया पॉम आईल अपडेट

28/05/2026

यह लेख स्पष्ट करता है कि कैसे वे अर्थशास्त्री और विश्लेषक, जो पहले मोदी सरकार की नीतियों का बचाव करते थे, अब आर्थिक मोर्चे पर चिंता जता रहे हैं।

लेख का मुख्य सार और प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
1. विशेषज्ञों के रुख में बदलाव
सुरजीत भल्ला: पूर्व आर्थिक सलाहकार, जो पहले मोदी सरकार के कट्टर समर्थक थे, अब खुलकर कह रहे हैं कि "बीजेपी चुनाव जीत रही है, लेकिन अर्थव्यवस्था हार रही है।" उन्होंने इसे 'आर्थिक अव्यवस्था' बताया है।
अरविंद सुब्रमण्यम: पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नेतृत्व में 'स्पष्टता' और 'निर्णय लेने की क्षमता' की कमी की आलोचना की है।
संजय बारू: मनमोहन सिंह के पूर्व सलाहकार का कहना है कि 1991 और 2004 के विपरीत, आज का कारोबारी जगत और मीडिया सरकार की आलोचना करने से डरता है, जिससे निवेशकों का भरोसा कम हो रहा है।
2. भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख चिंताएं
मुद्रा में गिरावट: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार सात वर्षों से गिर रहा है और 2025 में एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रहा।
निजी निवेश में कमी: 2000 के शुरुआती वर्षों की तुलना में निजी कॉर्पोरेट निवेश लगभग आधा रह गया है।
वृद्धि दर का भ्रम: लेख में तर्क दिया गया है कि भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था का टैग खो चुका है। प्रति व्यक्ति आय वृद्धि के मामले में भारत बांग्लादेश और इथियोपिया जैसे देशों से काफी पीछे है।
लक्ष्यों से पीछे: भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के अपने घोषित लक्ष्यों को समय पर हासिल नहीं कर पाया है और वर्तमान में इसका आकार 4 ट्रिलियन डॉलर के करीब है।
3. आलोचना का मूल कारण
लेख के अनुसार, समस्या केवल सुधारों की कमी नहीं है, बल्कि सरकार की 'ग़लत प्रवृत्तियों' की है, जैसे:
कुछ चुनिंदा बड़े कॉर्पोरेट घरानों को प्राथमिकता देना।
संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल।
टैक्स कानूनों का आक्रामक और मनमाना कार्यान्वयन।
निर्णय प्रक्रिया में 'खामोशी' और 'दिशाहीनता'।
निष्कर्ष:
लेख का केंद्रीय संदेश यह है कि आर्थिक चुनौतियां अब गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल और अधिक सुधार करने के बजाय, सरकार को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव (नेतृत्व और नीतिगत दृष्टिकोण में) लाने की तत्काल आवश्यकता है ताकि निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल हो सके।

सम्मान निधि ओर लाड़ली बहनों को मोहन मोदी का ईद मुबारक तोहफा
28/05/2026

सम्मान निधि ओर लाड़ली बहनों को मोहन मोदी का ईद मुबारक तोहफा

28/05/2026

कृषक जगत 27 मई 2026, इंदौर: रासायनिक उर्वरकों की नई विक्रय दरें निर्धारित
– मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित , भोपाल द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिए गत दिनों संपन्न उर्वरक समन्वय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार कृषकों के लिए कल रासायनिक उर्वरकों की नई विक्रय दरें निर्धारित कर दी गई । किसानों को इन उल्लेखित खुदरा मूल्य पर रासायनिक उर्वरक खरीदना होगा। यह दरें इस प्रकार हैं –
1 – डीएपी – 1350 रु / बोरी ( 50 किग्रा )।
2 – टीएसपी – 1300 रु / बोरी।
3 – पोटाश – 1975 रु / बोरी।
4 – एनपीके (12 :32 :16 ) – 2450 रु / बोरी।
5 – एनपीके -10 :26 :26 ( मे इंडोरामा हेतु ) – 1990 रु / बोरी।
एनपीके -10 :26 :26 ( समस्त प्रदायकों हेतु )- 2450 रु / बोरी।
6 – एनपीके 15 :15 :15 – 2000 रु / बोरी।
7 – एनपीके 16 :16 :16 – 2050 रु / बोरी।
8 – यूरिया एसएसपी ( 5 : 15 :0 : 10 ) – 830 रु / बोरी।
9 – अमो. सल्फेट – 1400 रु / बोरी।
10 – एनपीके ( 24 :24 : 0 ) – 2300 रु / बोरी।
11 – एनपीके 19 :19 :19 – 2400 रु / बोरी।

पुराने कम दर का स्कंध पुराने कम दर से विक्रय किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त दरें नवीन स्कंध के लिए प्रभावशील होंगी। उक्त दरों में भारत सरकार द्वारा लागू की गई सीजीएसटी एवं राज्य शासन द्वारा लागू एसजीएसटी सम्मिलित हैं।

28/05/2026

सोयाबीन के लिए **1186 सेंट प्रति बुशेल** को किलोग्राम और भारतीय रुपये में बदलने की गणना नीचे दी गई है।
# # # आधारभूत जानकारी (Standard Conversions)
* **1 बुशेल सोयाबीन** = 60 पाउंड (lbs)
* **60 पाउंड** = 27.2155 किलोग्राम (kg)
* **1 डॉलर ($)** = 100 सेंट
* **1 डॉलर (USD/INR)** = 95.91 भारतीय रुपये (लगभग)
# # # गणना (Calculations)
# # # # 1. डॉलर प्रति किलोग्राम ($/kg) में:
सबसे पहले सेंट को डॉलर में बदलें: 1186 \div 100 = 11.86 डॉलर प्रति बुशेल।
अब इसे प्रति किलोग्राम निकालने के लिए 27.2155 से विभाजित करें:

# # # # 2. रुपये प्रति किलोग्राम (INR/kg) में:
अब डॉलर को भारतीय रुपये में बदलें (0.4358 × 95.91):

# # # सारांश तालिका
| मापदंड | मान |
|---|---|
| **मूल्य (प्रति बुशेल)** | 1186 सेंट ($11.86) |
| **मूल्य (प्रति kg - डॉलर)** | ~$0.44 |
| **मूल्य (प्रति kg - भारतीय रुपये)** | ~₹41.80 |
*(नोट: यह गणना केवल शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड के भाव के आधार पर है। भारतीय मंडियों में सोयाबीन का भाव स्थानीय मांग, आयात शुल्क, और परिवहन लागतों के कारण इससे भिन्न होता है।)*

Address

Indore
452012

Telephone

+918982075173

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kisan Seva - किसान सेवा posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Kisan Seva - किसान सेवा:

Share